|楚河汉界,非礼勿越。|

完全不知道在写什么的一篇东西。

    糟糕透了。他想。

    红色光点在一片黑暗中一明一暗地闪烁,不大的房间里烟味有些呛人。

    忽然间,一道闪电劈过,照得窗边的人脸色惨白。

    紧接着,雷声乍响。

    他不自觉的一个哆嗦,手指间的烟就落到了地上。

    他怔然,然后弯下腰,捡起烟头,绕过床,把烟头按灭在床头柜上的烟灰缸里。

    一步一步,异常的缓慢。

    像是一台生了锈的老旧机器,动作迟缓而让人心惊。

    他站在床头柜前,目光呆滞地看着未灭的几颗火星闪闪烁烁,直至最后一颗火星熄灭,变成无力而苍白的灰。

    不过几秒,却漫长到像过了几辈子。

    像一个旁观者,看着他的生命像火星一样脆弱地熄灭。

    他缓慢地伸出手,漂亮的过分的指尖一点一点接近倒扣在床头柜上的照片。

    近了。

    指尖触到了照片边缘。

    他却像是被灼伤似的,极快的缩回了手。

    仿佛照片还残留着体温。

    淡淡的烟草香气。

    一个轻浅的吻。

   

    慢慢的。他放轻了呼吸声。

    仰面倒在床上,冰凉而陌生的气息让他有些害怕。

    几分钟,也许是几十分钟后,他受了惊似的睁开双眼。

    目光空洞。

    还是一片惨白。

    他却不敢在再闭上眼了。

    一路急促而慌张的脚步声。

    灼眼的鲜红。

    心脏沉重的跳动。

    惨白的布。

    无力的安慰。

    他不知道自己还能做什么。

    索性彻底的放松,让本能去支配这副躯壳。

    他走了出去。

    顶着狂风暴雨,不时的闪电雷鸣。

    他在雨中眯起了双眼,从雨幕中辨别着模糊的方向。

    他不知道自己走了多久,但当他停下脚步,他已经站在了一片灰暗的石碑前。

    左转,二十一步。

    右转,十七步。

    台阶,八级。

    右转,六步。

    分毫不差。

    他靠着墓碑坐了下来,用自己的手臂挡在照片前,仿佛这样就能替他挡下风雨。

    照片上的少年笑得温柔。

    但已经彻底定格。

    在十八岁。

    他伸手,关节僵硬地弯曲,抱住冰凉的墓碑,脸颊枕在棱角已经日渐光滑的墓碑上,唇角扯出一个弧度。

    他仿佛用尽了全身力气。

    闭上了无神的双眼。

   —————————————————

    黑暗。

    无尽的黑暗。

    压抑的颜色让呼吸都沉重了起来。

    好冷。

    仿佛是浸在了冰冷刺骨的水里,寒气穿过皮肤丝丝涌入,冻结心脏。

    好像要死了。

    这就是你曾经历过的感觉吗?

    冰冷,无力,一片黑暗。

    血液好像被抽离,连带着,连神志和体力都在流失。

    一点都不痛啊。

    但是好累。

    疲惫像是潮水一样浸透了全身,席卷了心脏。

    好累啊。

    嘿,苏沐秋,你知道吗。

    十年了,整整十年了啊。

    从我离家出走开始,一直到现在。

    你离开了。

    我还在坚持。

    沐橙。

    荣耀。

    ……

    想你。

    不想死啊。

    你不会想要看到我的。

    嘿。

    但是我想你了。

    疯了一样的想。

    无数次想死在有你的梦里。

    但是你总是一样的笑。

    伸出手。

    把我推开。

    ——————————————————

    苏沐秋,你才是最残忍的人。

    抛弃了一切。

    妹妹。

    生活。

    压力。

    爱你的,或是,你爱的我。

   

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